आज कल हम लोग अक्सर न्यूज़ चैनल, अख़बारों या इंटरनेट पर मोब लीचिंग (Mob Lynching) की घटनाओं के बारें में सुनते रहते हैं। पर क्या आप जानते हैं की क्या होती है मोब लीचिंग? अगर नहीं तो आज आपको हम इसी के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही ये भी बताएंगे की आखिर क्यों केंद्र सरकार और व्हाट्सप्प के बीच ठन गई है।

मोब लीचिंग शब्द का प्रयोग ऐसी जगह पर किया जाता है जहाँ पर एक भीड़ नियंत्रण से बाहर जाकर किसी वारदात या घटना को अंजाम देती है। आजकल मोब लीचिंग की घटनाएं बहुत ज्यादा ही बढ़ गई हैं। आंकड़ों की माने तो पिछले एक साल में मोब लीचिंग ने आँध्रप्रदेश में 14 लोग, तमिलनाडु में 2, महाराष्ट्र में 9, असम में 2 और त्रिपुरा में 9 लोगों की जान ले ली है। दरअसल मोब लीचिंग की घटना सोशल मीडिया पर फैली झूठी और भ्रामक खबर के कारण लोग किसी को भी अपराधी समझ लेते हैं और फिर उनको इतना पीटा जाता है की उनकी मौत तक हो जाती है।

सरकार समय समय पर सोशल मीडिया कंपनियों जैसे व्हाट्सप्प, फेसबुक इत्यादि को इसको रोकने के लिए निर्देशित भी करती रहती है। सरकार की माने तो सबसे ज्यादा मोब लीचिंग की वारदात व्हाट्सप्प पर फैले झूठे मेसेजस के कारण होता है। सरकार का कहना है की अगर ये झूठी खबरें सोशल मीडिया पर पोस्ट ही नहीं होंगी तो इससे मोब लीचिंग की घटनाओं में कमी आएगी। इसके अलावा व्हाट्सप्प का प्रयोग कश्मीर के पत्थरबाजों द्वारा भी किया जाता है।