बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2018 अब 26 जून को साढ़े 11 बजे जारी होगा। वजह है गोपालगंज में हजारों कॉपियों का चोरी हो जाना। जांच में पता चला है कि जहां ये उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थी वहां सुरक्षा में काफी खामियां थी। यहां पढ़ें इन खामियों के बारे में- 



1. हटा लिए गए थे सीसीटीवी
मैट्रिक की उत्तर पुस्तिकाएं गायब होने के मामले में भारी अनियमितता सामने आई है। गोपालगंज के जिस एसएस गर्ल्स प्लस टू हाईस्कूल में मूल्यांकन केंद्र बना था वहां स्ट्रॉग रूम में उत्तर पुस्तिका को लेकर किसी तरह की सुरक्षा नहीं थी। स्कूल के एक बड़े हॉल में सारी उत्तर पुस्तिकाएं रखीं थीं। मूल्यांकन के बाद केंद्र पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी हटा लिए गए थे। रात में केवल एक नाइट गार्ड पर स्ट्रांग रूम सहित स्कूल की जिम्मेवारी थी। सवाल है कि सीसीटीवी कैमरा को क्यों हटाया गया। किसके आदेश पर ये कैमरे हटाये गए। अगर स्कूल में सीसीटीवी कैमरा लगा होता तो कमरे में उत्तर पुस्तिका को गायब करनेवाले आसानी से पकड़े जा सकते थे। अब बिहार बोर्ड पूरे मामले की तह में जाकर छानबीन में जुटा है। .

2. स्ट्रांग रूम का न ताला टूटा न गेट
एसएस गर्ल्स प्लस टू स्कूल के स्ट्रांग रूम का न ताला टूटा है और न ही गेट, लेकिन मैट्रिक की कॉपियां गायब हो गईं हैं। स्ट्रांग रूम के गेट में लगे ताले को बिना तोड़े उसके अंदर रखी गईं कॉपियों के गायब होने के बाद कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर थाने की पुलिस जब मामले की जांच करने पहुंची तो देखा कि स्ट्रांग रूम के गेट में ताला लगाकर उसे सील किया गया है। वहीं कमरे में लगी खिड़की भी बंद है। इस हालत में बंद कमरे से कॉपियों के गायब होने से मामले में सस्पेंस बरकरार है। नगर इंस्पेक्टर रवि कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। स्कूल के शिक्षक समेत अन्य कर्मियों से पूछताछ की गई है। 


3. सुरक्षा में जान-बूझकर हुई चूक 
एक लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन इस केंद्र पर हुआ था। लेकिन यहां सुरक्षा को लेकर न तो पुलिसकर्मी और न ही स्कूल की तरफ से कोई इंतजाम था। यहां नवादा और सीवान की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हुई थी। इसके अलावा कई जिलों की उत्तर पुस्तिका का भी यह केंद्र बना था। इस केंद्र पर लगभग सभी विषयों की उत्तर पुस्तिका थी। इधर, गर्मी छुट्टी होने की वजह से स्कूल में छात्रों का आना-जाना नहीं था। दिनभर सन्नाटा रहता था। रात में केवल एक नाइट गार्ड रहता था। ऐसे में जानबूझकर सुरक्षा में अनदेखी की गई। .

4. बिना अनुमति चल रहा था सत्संग कार्यक्रम
किस कदर सुरक्षा में अनदेखी की गई है इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां मूल्यांकन के बाद स्ट्रांग रूम बनाया गया था वहां सत्संग का कार्यक्रम किया गया। बिना किसी अनुमति के। स्कूल परिसर में सत्संग कार्यक्रम 12 से 17 जून तक चला। इसके लिए प्राचार्य ने अपने स्तर पर ही आयोजन किया था। सत्संग में सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। इतना ही नहीं, सत्संग के लिए आए बाहर के लोगों को रात में ठहरने की व्यवस्था भी स्कूल परिसर में ही की गयी थी। जबकि प्राचार्य इस बात से पूरी तरह अवगत थे कि किसी भी सरकारी स्कूल में केवल सरकारी कार्यक्रम ही हो सकते हैं। निजी कार्यक्रम करने से पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी से अनुमति लेनी होती है।


5. कॉपी जांच के दौरान शिक्षा माफियाओं का था डेरा 
मैट्रिक की कॉपियों की जांच के दौरान गोपालगंज में शिक्षा माफियाओं ने डेरा डाल रखा था। मैट्रिक की कॉपियों के लिए एसएस गर्ल्स प्लस टू स्कूल, डीएवी हाई स्कूल व एमएमएच उर्दू हाई स्कूल तुरकाहां को मूल्यांकन केन्द्र बनाया गया था। यहां मार्च व अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मैट्रिक की कॉपियों की जांच की गई थी। तब शिक्षा माफिया यहां मंडरा रहे थे।

उत्तर पुस्तिका की सुरक्षा की जिम्मेवारी बोर्ड की
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने बिहारबोर्ड द्वारा गोपालगंज के एसएस बालिका हाईस्कूल से गायब हुई मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों का दोष स्कूल के प्राचार्य पर सौंपने पर कड़ा ऐतराज जताया है। संघ के अध्यक्ष सह विधान पार्षद केदारनाथ पांडेय और महासचिव सह पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि बोर्ड अपनी जवाबदेही से हमेशा भागता रहा है। और उसका दोष दूसरे पर डालता है। इस पूरे मामले में पूरी जवाबदेही बिहार बोर्ड की है। उन्होंने कहा कि बिहार बोर्ड मैट्रिक व इंटरमीडिएट की मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं को वर्षों तक बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के विद्यालय में छोड़ देता है और किसी प्रकार की घटना होने पर इसकी जवाबदेही दूसरे को देता है।