चर्चित नैंसी हत्याकांड का 'अर्धसत्य' जिससे हत्याकांड ले सकता है नया मोड़ - BJ BLOGGER

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

रविवार, 4 जून 2017

चर्चित नैंसी हत्याकांड का 'अर्धसत्य' जिससे हत्याकांड ले सकता है नया मोड़

Image result for nainsi hatyakand

मधुबनी : बिहार के मधुबनी जिले में हुए नैंसी हत्याकांड सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने के बाद अब प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक्स व वेब मीडिया की सुर्खियाँ बनी हुई है. मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव, फुलपरास विधायक लक्ष्मेश्वर राय, स्वामी अग्निवेश, बीजेपी नेता सुशील मोदी, विधान पार्षद विनोद नारायण झा, झंझारपुर के सांसद बीरेंद्र चौधरी सहित कई बड़े नेता नैंसी के गांव पंहुच कर नैंसी को न्याय दिलाने की बात कर रहे है. इसको लेकर बीते शुक्रवार को बीजेपी ने अंधरामठ में धरना भी दिया था. वहीं #Justice4nancy कैम्पेन चला रही मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने कुछ दिन पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च निकाल विरोध-प्रदर्शन किया था. मिथिला स्टूडेंट यूनियन सहित कई सामाजिक, छात्र संगठनों व आम लोगों के द्वारा अररिया, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा सहित कई जिलों में जगह-जगह कैंडल मार्च निकाला जा रहा है. 


जानकारी हो की मधुबनी जिले के फुलपरास अनुमंडल अंतर्गत अंधरामठ थाना अंतर्गत महादेवमठ गांव के शिक्षक रविन्द्र नारायण झा की लगभग 12 वर्षीय पुत्री नैंसी झा के अपहरण का प्राथमिकी 25 मई को अंधरामठ थाना में दर्ज कराया गया था. जिसके बाद 27 मई को नैंसी की लाश घर से लगभग 1 किलोमीटर दुरी पर तिलयुगा नदी के समीप बरामद हुआ था. जिस पर नैंसी के परिजनों ने प्रशासन पर यह आरोप लगाया था की पुलिस सही से काम नहीं कर रही है और अपराधियों को संरक्षण दे रही है. शक व प्रत्यक्ष गवाह के आधार पर पकड़े गये अपराधियों को पुलिस ने छोड़ दिया है. और पूछताछ के नाम पर नैंसी के दो चचेरे चाचा राघवेंद्र झा व पंकज के साथ पुलिस ने ज्यादती कर परेशान कर रही है.
Related image

उधर नैंसी की हत्या के बाद की वीभत्स तस्वीर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा. सोशल मीडिया पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन के द्वारा राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी आदित्य झा के नेतृत्व में #Justice4nancy के जबरदस्त कैम्पेनिंग ने सभी का ध्यान अपने तरफ खींचा. सोशल साइट्स पर नैंसी की हत्या की बाद की वीभत्स तस्वीरें के साथ दुष्कर्म व एसिड अटैक, गाला रेतने, नस काटने व हत्या की बाते समय बीतने के साथ-साथ आग के तरह सोशल साइट्स पर फ़ैल रही थी. सोशल साइट्स कैम्पेन के बाद लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शाषण-प्रशासन सकते में आई और परिजनों के शक व गवाह के आधार पर घटना के दो दिन बाद गांव के लालू झा व पवन झा को पुलिस ने हत्यारोपी बनाकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया की पोस्टमार्टम में दुष्कर्म, नस काटने, गला रेतने या एसिड अटैक की कोई बात नहीं है. बल्कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार लगभग 72 घंटे पहले नैंसी की हत्या हुई है. जो की गला दबाकर किया गया है. हालाँकि नैंसी की परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह कहकर मानने से इंकार कर दिया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छेड़छाड़ हुई है जबकि नैंसी का नस काटा गया है और एसिड अटैक हुआ है फिर भी इसका उल्लेख पोस्टमार्टम में नहीं है.
इसके परे आपको बता दें कि पोस्टमार्टम 3 डॉक्टरों की बोर्ड ने किया है जिसमें दो महिलांए है. ओर इस बात से इंकार नही किया जा सकता है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब नए सिरे से कोई नया चीज़ देखने को नही मिलेगा. अगर परिजन दुबारा पोस्टमार्टम करवाना चाहती है तो उन्हें कोर्ट का सहारा लेना होगा.
Image result for nainsi hatyakand

उधर जिले सहित पूरे बिहार व बिहार के बाहर दिल्ली तक बढ़ता आक्रोश और नैंसी के माता-पिता के पोस्टमार्टम पर बयान के बाद प्रशासन पर बढ़ता दवाब देख आनन-फानन में हत्याकांड की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में अंधरामठ थाने के एसआई राजीव कुमार को दो दिन पूर्व निलंबित कर दिया गया. राजीव कुमार के जगह कलुआही थाना प्रभारी आशुतोष कुमार झा को कमान दिया गया है. साथ ही जांच के लिए एसआईटी भी गठित कर दी गई है. जिसका नेतृत्व झंझारपुर एएसपी निधि रानी कर रही है. गठित एसआईटी में एएसपी निधि रानी सहित, मधुबनी महिला थाना प्रभारी कंचन कुमारी, टेक्नीकल टीम के सदस्य व बांकी योग्य पदाधिकारियों को रखा गया है.

वहीं नैंसी के परिजन द्वारा दर्ज एफआईआर और मीडिया के समक्ष दिए गये बयान में लालू झा व पवन झा के हत्यारोपी होने के शक का आधार यह बताया गया है की, 5 साल पहले नैंसी की बुआ रानी (काल्पनिक नाम) के साथ छेड़खानी को लेकर झगड़ा हुआ था. और प्राथमिकी के आधार पर 25 मई को नैंसी का अपहरण हुआ और उसके अगले दिन 26 मई को नैंसी की बुआ रानी का शादी होना था. जिसे रोकने की लिए लालू झा व पवन झा ने सजिश के तहत नैंसी का अपहरण किया.


दर्ज प्राथमिकी/परिजनों का बयान/प्रशासन का बयान/मीडिया व सोशल मीडिया में आई हुई बातें से विश्लेष्णात्मक तथ्य जो सोचने पर मजबूर करेंगे :

1. मिली जानकारी के अनुसार जिस दिन 25 मई को नैंसी का अपहरण हुआ था, उस दिन नैंसी अपनी बुआ रानी को 26 मई को होने वाली शादी के लिए मेहँदी की रश्म अदायगी में गई थी. और नैंसी व रानी के परिवार के अधिकांश लोग उस दिन गांव में नहीं थे. नैंसी के पिता सहित अधिकांश पुरुष परिजन शादी की परंपरा के अनुसार खान-पिन के लिए निर्मली गये थे.

2. दर्ज प्राथमिकी में यह भी कहा गया है की नैंसी शाम 06:30 बजे शाम में गायब हुई है. और नैंसी की खोज-पड़ताल खान-पिन में गये परिजनों के लौटने के बाद लगभग 9 बजे से शुरू हुई. यहाँ सवाल यह है की जो परिजन खान-पिन में गये थे. उनके अलावे बांकी जो महिला व पुरुष घर पर बच गये थे उन लोगों (नैंसी के अपने घर व रानी के घर के लोग) ने नैंसी के शाम में गायब होने के बाद लगभग ढ़ाई घंटो तक नैंसी की खोज क्यों नहीं की ?? अगर खोज-पड़ताल की भी गई तो प्राथमिकी में क्यों लिखा गया है की खान-पिन में गये परिजनों के लौटने के बाद खोज-पड़ताल शुरू हुई. अगर 06:30 बजे गवाहों ने लालू झा व पवन झा को उस रास्ते से गुजरते हुए देखा तभी उस पर शक क्यों नही किया गया ?? अगर लालू झा व पवन झा पर शक था तो जब परिजनों ने लालू व पवन को घर से पकड़ा तभी आरोपी के घर मे परिजनों द्वारा समय रहते नैंसी को क्यों नही खोजा गया ??
Image result for nainsi hatyakand

3. निर्मली से खान-पिन कर लौटने के बाद परिवार के बांकी सदस्य जब महादेवमठ पंहुचे और 06:30 बजे गायब हुई नैंसी को ढूंढने के लिए 09:00 बजे करीब में सभी परिजनों की आपसी चर्चा हुई तो नैंसी के पड़ोस के चाचा जो की इस केस के मुख्य गवाह है उन्होंने बताया की उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के पास से शाम में 06:30 बजे किसी अज्ञात मोटरसाईकिल वाले ने नैंसी को जबरदस्ती बाइक पर बिठाकर अपहरण कर लिया. वहीं दर्ज एफआईआर में यह भी बताया गया है की उस अज्ञात (एक) व्यक्ति को बाइक पर नैंसी को जबरदस्ती बिठाकर ले जाते हुए ग्रामीणों ने भी देखा. लेकिन नैंसी को जबरदस्ती बाइक पर बिठाकर ले जाते हुए देखने वाले कौन ग्रामीण लोग थे, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है. और ना ही मीडिया व पुलिस को इसकी जानकारी है.



इसके बाद गवाह ने यह भी बताया की जिस रास्ते से नैंसी को अज्ञात (एक) बाइक सवार ने अपहरण करके जबरदस्ती ले गया, उसी रास्ते से कुछ देर बाद लालू झा व पवन झा को आते हुए देखा गया. दर्ज प्राथमिकी में एक महिला के बयान के आधार पर बताया गया है की उस महिला ने अज्ञात मोटरसाईकिल सवार व्यक्ति का हुलिया हल्का दाढ़ी, श्यामल रंग का उजला आसमानी चेकदार फुल शर्ट, काला पेंट व सिर पर उजला गमछा का पगड़ी बांधे हुए थे. नैंसी के चाचा के प्रत्यक्ष गवाह व महिला के द्वारा बताये गये हुलिए के बाद तर्क यह भी दिया गया की 5 साल पहले लालू झा व पवन झा के परिवार से रानी के परिजन से मारपीट हुई थी. जिसके बाद अपहरण की साजिश रचने की शक की सुई पड़ोसी लालू झा व पवन झा पर गई.
लेकिन यहां सोचने वाली बात यह भी है की किसी 12 साल की किसी लड़की या लड़का को एक व्यक्ति वह भी बाइक सवार कैसे अपहरण कर सकता है ?? क्या नैंसी ने कोई प्रतिकार नहीं किया होगा ?? अगर वह व्यक्ति (एक) बाइक सवार व्यक्ति ने शाम 06:30 बजे नैंसी का अपहरण बाइक पर किया तो रास्ते में कई लोगों का घर पड़ता है. क्या किसी ने नहीं देखा होगा ?? अगर बाइक सवार व्यक्ति ने नैंसी का अपहरण किया तो नैंसी को कहीं दूर ले गया होगा, लेकिन लाश 1 किलोमीटर के दायरे में ही क्यों मिला ??

Related image

जिस महिला के बयान को अपहरण करने वाले का हुलिया बताया गया है वह महिला कौन है यह जानकारी ना तो मीडिया को पता है ना ही एसआईटी टीम को या किसी पुलिस अधिकारी को. परिजनों के ताजा बयान के अनुसार उक्त महिला सामाजिक व अपराधियों के दवाब के कारण अब मीडिया व पुलिस के सामने आने से बच रही है.

4. नैंसी के परिजन के अनुसार शक की सुई लालू झा व पवन झा पर जाने के बाद परिजनों ने लालू झा व पवन झा को उसके घर से पकड़कर पुलिस को सौंप दिया. साथ ही परिजनों ने मीडिया को यह भी बताया है की दोनों आरोपी उस वक्त नशे में था जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी और घर के पास शराब की बोतल भी देखी गई थी. परिजनों ने यह भी बताया की लालू झा व पवन झा को पुलिस पदाधिकारियों ने थाने ले जाकर मामूली पूछताछ कर छोड़ दिया.
(नोट : शराब की बोतल मिलने व आरोपी के नशे में होने की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है)

5. नैंसी 25 मई को अपने बुआ रानी की अगले दिन 26 मई को होने वाली शादी के लिए मेहंदी लगाने के लिए 3 लड़कियों के साथ रानी के घर गई. जिसमें नैंसी के अलावे बांकी लड़की वहां से लौट गई. लेकिन किसी करणवश नैंसी बांकी 3 लड़की के साथ नहीं लौटी. और अंतिम बार वहां जाने के बाद गायब हो गई.

6. परिजनों के बयान के अनुसार नैंसी के चाचा जो नैंसी हत्याकांड के मुख्य गवाह हैं, उनके साथ पुलिस ने नैंसी का लाश बरामद होने के बाद गवाही को लेकर पूछताछ के क्रम में ज्यादती करते हुए मार-पिट किया. साथ ही पुलिस उन पर नैंसी की अपहरण व हत्या करने का जबरदस्ती बयान देने के लिए मजबूर कर रही थी. जिसके बाद परिजनों के विरोध करने व इस मुद्दे पर न्याय की मांग कर रही सामाजिक संगठनों के दवाब पर पुलिस ने चाचा को छोड़ा.

7. परिजनों ने यह भी बताया है की कुछ ग्रामीणों ने परिजनों को यह बताया की अनुसंधान के क्रम में स्वान-दश्ता ने घटना स्थल से डाईगर और कुछ कपड़े सहित कई सामान बरामद किया है. जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने परिजनों को दी थी. परिजन के अनुसार स्वान-दश्ता के आने के समय सभी परिजन नैंसी के दाह-संस्कार में व्यस्त थे. परिजनों ने बताया की डाईगर व अन्य सामान की बरामदगी जानकारी का आधार ग्रामीणों के द्वारा दिया गया है.
(नोट : डाईगर या अन्य सामान बरामद करने के समय नैंसी के कोई परिजन इसके प्रत्यक्ष गवाह नहीं है, ना ही कोई ग्रामीण व्यक्तिगत बयान दिया है)

Image result for nainsi hatyakand

इस सब से हट कर परिजनों के बयान की माने तो परिजनों ने बयान के अनुसार नैंसी की हत्या का मुख्य कारण नैंसी की बुआ रानी की शादी को रोकने की मंशा बताया है. उपरोक्त बातों से इस बात की आशंका की पुष्टि होती है की हत्यारोपी नैंसी का अपहरण करने डाईगर व हथियार के साथ आये थे. अगर हथियार युक्त अपराधी घर से समीप से नैंसी का अपहरण रानी की शादी रोकने के लिए कर सकते हैं. तो यहां सोचने की बात यह है की नैंसी जिस घर में अंतिम बार गई थी, जहाँ से उसका अपहरण हुआ है वहां उस घर में नैंसी के अलावे रानी सहित 2 महिला व एक पुरुष थे. अपराधी अगर हथियार युक्त थे तो रानी या रानी की अपनी माँ, रानी के अपने भाई या घर में मौजूद अन्य सदस्य पर हमला, अपहरण या हत्या भी कर सकते थे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अपराधियों ने रानी की शादी रोकने के लिए नैंसी का अपहरण किया.

8. लोगों का कहना है की नैंसी का अपहरण के एक दिन बाद भी रानी की शादी तय कार्यक्रम के अनुसार 26 मई को शादी संपन्न हो गई. जिससे बाद अपनी योजना सफल होते नहीं देख रानी की शादी से परेशान व पहचान उजागर हो जाने के डर से लालू झा व पवन झा ने नैंसी की हत्या कर दी. यहां सोचने वाली बात यह है की 25 मई की शाम को नैंसी का अपहरण हुआ और 26 मई को रात में रानी की शादी हुई. इसका मतलब है की अगर अपराधी रानी की शादी रोकने के उद्देश्य से नैंसी का अपहरण किया गया था तो निश्चित है की अपराधी 26 मई की रात तक का यानी कम से कम 24 घंटे का इंतजार किया होगा, जब तक की रानी की शादी संपन्न हो जाने की जानकारी अपराधियों को नहीं मिली होगी. हम मान लेते हैं की नैंसी का अपहरण करने के बाद भी रानी की शादी नहीं रुकने से अपराधियों ने 26 मई को रानी की शादी संपन्न होने के बाद अपनी योजना सफल नहीं होते देख आक्रोश में नैंसी की हत्या कर दी और शव को नदी में फ़ेंक दिया.

Related image

लेकिन यहां सोचने वाली बात यह भी है की लालू झा व पवन झा हत्यारा है तो वह तीसरा युवक जिसने अकेले बाइक से नैंसी का अपहरण किया वह कहाँ है ?? अगर लालू झा, पवन झा व उस अज्ञात बाइक सवार ने नैंसी की हत्या 26 तारीख को रानी की शादी संपन्न होने की जानकारी आने के बाद ही की होगी तो रानी की शादी किसी अन्य गांव/शहर में संपन्न हुआ था. तो शादी संपन्न होने की जानकारी लालू झा, पवन झा व उस अज्ञात बाइक सवार को फ़ोन कॉल्स/व्हाट्स एप्प/सोशल साइट्स के मध्यम से ही आई होगी.

अगर यह बात सत्य होगी तो पुलिस हत्यारोपी के फ़ोन कॉल्स/व्हाट्स एप्प/सोशल साइट्स भी खंगाले तो मदद मिल सकती है. लेकिन सोचने वाली बात यह भी है की 25 तारीख नैंसी के अपहरण के दिन से ही लालू झा व पवन झा पर पुलिस, परिजन व ग्रामीणों की नजर थी. और ऐसी विषम परिस्थिति में 26 मई को रानी की शादी संपन्न हो जाने की जानकारी मिलने के बाद मामूली दुरी पर लालू झा व पवन झा द्वारा नैंसी की हत्या कर लाश को नदी में फेंकना इतना आसान नहीं रहा होगा. तो इस बात से हम और आप संतुष्ट होते है तो सोचने वाली बात यह भी है की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सत्य मानें तो जिस तरह से लगभग 72 घंटे पहले हत्या की बात पोस्टमार्टम में कही गई है उसके मुताबिक 25 मई को ही नैंसी की हत्या कर दी गई है.

इस बाबत मधुबनी के एसपी दीपक बरनवाल ने डेली बिहार न्यूज़ से यह भी बताया की प्रथम दृष्टया पहले अटैक में ही हत्या कर दी गई है. अपहरण के बाद हत्या जैसी संभावना नहीं लग रहा है. इस साफ शब्दों में समझें तो नैंसी का अपहरण हुआ ही नहीं है, बल्कि हत्या हुई है. अगर 27 तारीख को बरामद हुई नैंसी का शव क्षत-विक्षत व काला है तो आपको मानना पड़ेगा की कम से कम 2 दिन पहले हत्या हुई है. क्योंकि घंटे भर में लाश व नशों का फूलना व पूरा शरीर काला होना संभव नहीं है.

साथ ही अगर यह माना जाय की नैंसी का चेहेरे जो काला होना पानी में लाश रहने के कारण नहीं हुआ है तो पहला विकल्प एसिड का प्रयोग या दूसरा विकल्प पेट्रोल या मिट्टी तेल छिड़कर आग लगाने का प्रयास है. अब अगर हम पहले विकल्प अपराधियों द्वारा नैंशी की लाश का पहचान छुपाने की मंशा से एसिड से चेहरा जलाने की प्रयास की बात पर यकीन करें तो हमें यह भी पहले सोचना पड़ेगा की चेहरे पर एसिड डालने के बाद चेहरा जल जाता है, पिघल जाता है या काला हो जाता है ?

दूसरा विकल्प पेट्रोल या मिट्टी तेल छिड़कर आग लगाने की बात पर यकीन करें तो सबसे पहले यह सोचना होगा की पेट्रोल या मिट्टी तेल छिड़कर आग लगाने से चेहरा जले ना जले पहले बाल जरुर जलेगा. जो की बिना जले हुए बाल आप नैंसी की हत्या के बाद की तस्वीर में देख सकते है.
उपरोक्त उलझी हुई बातों से शायद कई उलझे हुए प्रश्न आपके जेहन में आये होंगे लेकिन कई प्रश्न के साथ एक तथ्यात्मक प्रश्न यह भी है की नैंसी की हत्या का कारण 26 मई को होने वाली जिस रानी नाम की लड़की की शादी को बताया जा रहा है.

Image result for nainsi hatyakand
वह नैंसी की अपनी बुआ नहीं थी, बल्कि रानी नैंसी के पापा की चचेरी बहन थी. और ना ही नैंसी और रानी का घर एक अंगने में है, ना ही संयुक्त परिवार है. बल्कि दोनों की घरों की अच्छी-खासी दुरी भी है. जिसकी दूरी 300 मीटर है. अगर अपराधियों की मंशा शादी रोकने की ही रही होगी तो नैंसी का अपहरण व हत्या ना करके अपराधियों ने रानी या रानी के परिवार के लोगों को निशाना क्यों नहीं बनाया ?

परिचय :
नैंसी झा (12 वर्ष) : पोस्टमार्टम के आधार पर प्रशासन के बयान के अनुसार जिसकी गला दबाकर हत्या हुई है व परिवार के अनुसार जिसकी अपहरण के बाद दुष्कर्म, एसिड अटैक व नस काट कर हत्या हुई.

रानी झा (काल्पनिक नाम) : नैंसी की बुआ. नैंसी के पापा की चचेरी बहन है. जिसकी शादी 26 मई को होनी थी.

लालू झा व पवन झा : महादेवमठ गांव के देवचन्द्र झा के पुत्र लालू व पवन दोनों सगे भाई हैं. जिससे पीड़ित के परिजनों को 5 साल पहले मार-पिट हुआ था.

रविन्द्र नारायण झा : नैंसी के पिता व आवासीय मुक्तिनाथ पब्लिक स्कुल के संचालक है.

राघवेन्द्र झा : इस केस के मुख्य गवाह व नैंसी के चाचा जिसने लालू और पवन झा को नैंसी को अपहरण करते हुए देखा. ओर पुलिस ने जिनके साथ पूछताछ के नाम पर ज्यादती की.

पंकज झा : नैंसी के चाचा जिनके साथ पुलिस ने पूछताछ के नाम पर ज्यादती की गई.

अज्ञात बाइक सवार : जिसको नैंसी के चाचा ने देखा.

अज्ञात महिला : जिसनें अज्ञात बाइक सवार को देखा और परिजन को उसका हुलिया बताया.

आपको बता दें की मधुबनी के इस बहुचर्चित नैंसी हत्याकांड अब नया मोड़ ले सकती है. साथ ही यह भी जानकारी हो की आरोपी लालू झा व पवन झा पर नैंसी के अपहरण या हत्या करने का गुनाह साबित नहीं हो सका है. घटना के लगभग 1 सप्ताह से अधिक बीतने के बाद विभिन्न राजनितिक दलों के लोगों ने नैंसी के गांव पंहुच रहे है. साथ ही इस प्रकरण ने नेशनल मीडिया में भी अच्छी-खासी जगह बना ली है. #Justice4nancy मुहीम को समर्थन कर रहे लोग न्याय के लिए झंझारपुर की एएसपी निधि रानी के नेतृत्व में गठित एसआईटी की पहली रिपोर्ट आने की टकटकी लगाये हुए है. वहीं मिली जानकारी के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री खुद इस प्रकरण की मोनिटरिंग कर रहे है. इसके परे मधुबनी के एसपी दीपक बरनवाल ने जल्द से जल्द मामले की उद्भेदन करने की बात कही है.

Post Top Ad

Responsive Ads Here